एक नजर

टीके रोगों के कारकों की नकल कर प्रतिरक्षी तंत्र को उत्तेजित करते हैं, ताकि उनके खिलाफ रक्षा तंत्र बनाया जा सके।


यहां आप एनिमेशन देखेंगे जो दिखाते हैं कि प्रतिरक्षी तंत्र के विभिन्न हिस्से कैसे टीकाकरण के प्रति अपनी अनुक्रिया दर्शाते हैं और कैसे वे अनुक्रियाएं भविष्य में एक विशेष रोग से शरीर की रक्षा करती हैं।

एंटीजन-प्रेजेंटिं एक वैक्सीन एक रोगज़नक़ ठग की तरह है

टीका प्रतिजन एक निश्चित बैक्टीरिया या प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए वायरस की तरह दिखता है, लेकिन शरीर बीमार नहीं पड़ता ग कोशिका द्वारा अधिग्रहण (एपीसी)।

एंटीजन-प्रेजेंटिंग कोशिका द्वारा अधिग्रहण (एपीसी)

एपीसी शरीर में घूमता रहता है और हमलावर की तलाश करता है। जब किसी एपीसी को टीका वाले एंटीजन मिलता है, यह हमलावर को निगल लेता है, उसे खंडों में तोड़ डालता है और अपनी सतह पर एंटीजन का एक टुकड़ा प्रदर्शित करता है।

टी सहायक कोशिका सक्रियण

एंटीजन प्रदर्शित करने वाला एपीसी ऐसे क्षेत्रों में जाता है, जहां प्रतिरक्षी तंत्र झुंड में मौजूद रहते हैं, जैसे कि लसीका गांठ। एंटीजन के लिए विशिष्ट सरल टी कोशिकाएं इसे बाहरी तत्त्व के रूप में देखता है और सक्रिय हो जाता है। टी सहायक कोशिका (सक्रिय टी कोशिकाओं का एक प्रकार) पास की कोशिकाओं को हमलावर की मौजूदगी के बारे में आगाह कर देती है।
 

बी कोशिका सक्रियण

टीके का एंटीजन जब शरीर में प्रवेश करता है, तब सरल बी कोशिकाएं उसके साथ प्रतिक्रिया करती है। बी कोशिकाएं एपीसी द्वारा प्रदर्शित एंटीजन और साथ ही शरीर में मुक्त रूप से विचरण करने वाले एंटीजन को पहचान सकती हैं। सक्रिय बी कोशिकाएं कोशिका विभाजन कर सकती हैं और अधिक संख्या में सक्रिय बी कोशिकाओं का निर्माण कर सकती हैं, जो टीके के एंटीजन के लिए विशिष्ट होती हैं। इनमें से कुछ प्लाज्मा बी में परिपक्व होती हैं और अन्य मेमरी बी कोशिकाओं में विकसित होती हैं।

बी कोशिकाएं परिपक्व होकर प्लाज्मा बी कोशिकाएं बन जाती हैं

टीके के एंटीजन द्वारा सक्रियण और सक्रिय टी सहायक कोशिकाओं से मिले संकेतों के बाद, कुछ बी कोशिकाएं प्लाज्मा बी कोशिकाओं में - यानी प्रतिरक्षी तंत्र के एंटीबॉडी कारखानों में बदल जाती है। प्लाज्मा बी कोशिकाएं टीके के एंटीजन के लिए विशिष्ट एंटीबॉडी निर्मित करती हैं।

प्लाज्मा बी कोशिकाएं एंटीबॉडीज का स्राव करती हैं

“Y” आकार के प्रोटीनों को एंटीबॉडीज कहा जाता है, जिसे हर सेकंड उच्च दर पर स्रावित किया जाता है। मानव शरीर में एंटीबॉडी के प्रकारों की संख्या सैकड़ों करोड़ में होती है, जो कई प्रकार के एंटीजन के साथ अंतःक्रिया करने और उनके साथ बंधने की अनुमति देते हैं।

एंटीबॉडीज विशिष्ट एंटाजन के साथ बंधते हैं

हरेक एंटीबॉडी एक विशिष्ट, टार्गेट एंटीजन के साथ कस कर जुड़ता है, ठीक जैसे ताले के साथ चाबी जुड़ती है। यह क्रिया कोशिका में प्रवेश करने वाले एंटीजन से बाधित हो सकती है या एंटीजन को विनाश के लिए चिह्नित कर सकती है।

विनाशक टी कोशिका की अनुक्रिया

टीके में यदि दुर्बल विषाणु मौजूद रहते हैं, तो टीके के विषाणु कोशिकाओं में प्रवेश करते हैं। विनाशक टी कोशिकाएं हमलावर कोशिकाओं की पहचान कर उनका नाश करती हैं। सरल विनाशक टी कोशिकाओं को सक्रियण से पहले एक एंटीजन टुकड़े को प्रदर्शित करने के लिए एक एपीसी की आवश्यकता पड़ती है।

मेमरी कोशिकाओं का धारण

प्रतिरक्षण का उद्देश्य होता है मेमरी कोशिकाओं की भारी तादाद द्वारा टीके के एंटीजन की स्मृति (मेमरी) का निर्माण करना। यदि भविष्य में शरीर में वास्तवित रोगाणु प्रवेश करते हैं तो मेमरी कोशिकाएं

स्मृति कोशिकाओं की अवधारण

उन्हें पहचान लेंगी। शरीर की अनुक्रिया प्रबल होगी और रोगाणु का सामना न होने की तुलना में यह अनुक्रिया अधिक तेज होती है।

पैथोजन शरीर में प्रवेश करती हैं

यदि रोगाणु पूरी क्षमता से पुनः शरीर पर हमला बोलता है, प्रतिरक्षी तंत्र फुर्ती और विशेष रक्षा प्रणाली के साथ जवाब देने के लिए तैयार रहता है। इसे किसी रोगाणु की द्वितीयक अनुक्रिया कहा जाता है। द्वितीय अनुक्रिया प्राथमिक अनुक्रिया के मुकाबले तेज रफ्तार और अधिक बड़े पैमाने पर होती है, जिससे रोगाणुओं से लड़ने के लिए अधिक एंटीबॉडीज और भविष्य में मुकाबला करने के लिए अधिक मेमरी कोशिकाओं का निर्माण होता है।

एंटीजन-प्रेजेंटिंग कोशिकाएं

संक्रमण: एक रोगाणु शरीर में प्रवेश करता है। एंटीजन-प्रेजेंटिंग कोशिकाएं (एपीसी) इसे निगल लेती हैं और एंटीजन के खंडों को अपनी सतह पर प्रदर्शित करती है।

मेमरी कोशिकाओं का सक्रियण

टीकाकरण के दौरान निर्मित मेमरी टी कोशिकाए एपीसी का सामना करती हैं और उनके द्वारा प्रदर्शित एंटीजन की पहचान करती हैं। टीकाकरण प्रक्रिया में अपनी समकक्ष कोशिकाओ की तरह ही मेमरी टी सहायक कोशिकाएं अन्य प्रतिरक्षी कोशिकाओं को सतर्क करन और एक अनुक्रिया देने के संकेत देगी। रोगाणु की उपस्थिति भी मेमरी बी कोशिकाओं, लंबी आयु वाली कोशिकाओं के सक्रियण को बढ़ाती है, जो विशेष एंटीजन के प्रति प्रतिक्रिया देती हैं।

मेमरी बी कोशिकाएं सक्रिय प्लाज्मा कोशिकाएं बन जाती हैं

मेमरी बी कोशिकाएं किसी एंटीजन की उपस्थिति के प्रति अनुक्रिया देती हैं, जिसके लिए ये प्लाज्मा बी कोशिकाओं में सक्रिय और विभेदित होती हैं। प्लाज्मा बी कोशिकाएं उस एंटीजन के लिए विशिष्ट एंटीबॉडी निर्मित करती और स्रावित करती हैं, जिसने उन्हें सक्रिय किया होता है। हालांकि द्वितीयक अनुक्रिया में प्लाज्मा कोशिकाएं अधिक एंटीबॉडीज उत्पन्न करती हैं और प्राथमिक अनुक्रिया के मुकाबले अधिक तेजी से करती हैं।

एंडीबॉडीज रोगाणुओं पर हमला बोलते हैं

एंडीबॉडीज रोगाणु की सतह से चिपक जाते हैं। रोगाणु और उनके विरुद्ध उत्पन्न एंटीबॉडीज के प्रकारों के अनुसार कई प्रभाव हो सकते हैं: यह रोगाणु को कोशिका में प्रवेश करने से रोक सकता है या इसे हटा सकता है या प्रतिरक्षी प्रणाली की अन्य कोशिकाओं द्वारा नाश कर सकता ह]

मेमोरी हत्यारा टी कोशिकाओं को सक्रिय कर रहे हैं

क्योंकि सक्रिय होने पर मेमरी विनाशक टी कोशिकाएं तुरंत संक्रमित कोशिकाओं की खोज करेगी और उनका नाश कर देंगी और इस प्रकार संक्रमण के फैलाव को रोग देंगी।

विनाशक टी कोशिका की अनुक्रिया

यदि टीकाकरण की प्रक्रिया से एक विनाशक टी कोशिका की अनुक्रिया उत्पन्न होती है, तब उस प्रकार की मेमरी कोशिकाएं मौजूद रहेंगी और एंटीजन के संपर्क में आने से सक्रिय होंगी। टीकाकरण के दौरान विनाशक टी कोशिका की अनुक्रिया प्रेरित करना मददगार होता है,

मेमरी कोशिकाओं का धारण

आक्रमणकारी रोगाणु को रोका जा चुका है। मूल टीकाकरण के साथ कुछ मेमरी बी और टी कोशिकाएं उसी रोगाणु द्वारा भविष्य में होने वाले किसी खतरे से रहा करती रहती हैं। मेमरी कोशिकाएं किसी व्यक्ति के शरीर में कई दशकों तक बनी रह सकती हैं।