टीका क्यों लेना चाहिए

टीकाकरण का तत्काल लाभ है व्यक्ति की प्रतिरक्षा: यह किसी रोग के खिलाफ दीघकालिक, कभी-कभी जीवन भर सुरक्षा प्रदान करता है। शुरुआती बाल्यावस्था प्रतिरक्षा अनुसूची में अनुशंसित टीके बच्चों को खसरा, चेचक, न्युमोकोकल रोग और अन्य बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। बच्चे ज्यों-ज्यों बड़े होते जाते हैं अतिरिक्त टीके उन्हें उन रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं जो किशोरों और वयस्कों को प्रभावित करते हैं, साथ ही उन रोगों से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं जो दूसरे क्षेत्रों में यात्रा करने के दौरान उत्पन्न हो सकते हैं। उदाहरण के लिए दक्षिण अफ्रीका और अफ्रीका के कुछ निश्चित भागों की यात्रा करने वाले यात्रियों को पीत ज्वर का टीका लेना आवश्यक होता है, क्योंकि यह रोग वहां अब भी मौजूद है।

हालांकि, टीकाकरण का दूसरा लाभ है समूह प्रतिरक्षा जिसे सामुदायिक प्रतिरक्षा भी कहते हैं। समूह प्रतिरक्षा वह सुरक्षा है जो उच्च टीकाकरण दरों द्वारा समुदाय में सभी लोगों को प्रदान किया जाता है। किसी दिए गए रोग के खिलाफ पर्याप्त टीकाकृत लोगों के साथ, समुदाय में रोगों के लिए पैर पसारना कठिन हो जाता है। यह रोग के प्रकोप की संभावना को कम करने द्वारा उन लोगों को भी कुछ सुरक्षा प्रदान करता है जो टीका लेने में सक्षम नहीं होते हैं - जिसमें नवजात और वे व्यक्ति शामिल होते हैं जिन्हें पुरानी रुग्णताएं होती हैं। समूह प्रतिरक्षा, टीका लिए हुए उन व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है जो हो सकता है कि रोग के खिलाफ पूरी तरह से सुरक्षित न हुए हों (कोई भी टीका 100% प्रभावी नहीं होता)।

जब सामुदायिक प्रतिरक्षा की दरें समूह प्रतिरक्षा की सीमा रेखा से कम होती हैं, तो रोग का व्यापक प्रकोप उत्पन्न हो सकता है। उदाहारण के लिए, पोलियो के लिए समूह प्रतिरक्षा की सीमा रेखा 80% और 86%[1] के बीच निर्धारित की जाती है। यदि टीकाकरण की दर इस सीमा से कम होती है तो सामुदायिक सुरक्षा का स्तर इतना पर्याप्त नहीं होगा कि रोग को फैलने से रोका जा सके - खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से प्रतिरक्षा क्षमता नहीं है क्योंकि उन्हें टीका नहीं मिला होता है (पुराने रोगों के कारण या टीका से इनकार करने के कारण) या क्योंकि उन्हें टीका प्राप्त था लेकिन यह प्रभावी नहीं था।

ठीक ऐसा ही हुआ था ग्रेट ब्रिटेन में जब MMR (खसरा, गलसुआ और रुबेला) के टीकाकरण की दर में कमी आई थी। खसरा अत्यंत संक्रामक होता है; इसलिए, इसकी समूह प्रतिरक्षा की सीमा रेखा अन्य अधिकांश रोगों से अधिक होती है। 1990 के दशक के उत्तरार्ध में, MMR के टीकारकण की दर में 90% से अधिक से लेकर 80% या इससे कम की गिरावट हुई थी - उस सीमा स नीचे जिसकी जरूरत खसरा के खिलाफ समूह प्रतिरक्षा के लिए होती है। इसकी प्रतिक्रिया में, मामलों की संख्या में इजाफा होना शुरू हुआ: जहां केवल 56 मामलों की पुष्टि वेल्स और इंग्लैंड में 1998 हुई थी नहीं वहीं 2008 में 1,348 मामलों की पुष्टि हुई थी। वह रोग जिसका देश में प्रसार को रोके हुए एक दशक से अधिक हो चुका था एक बार फिर स्थानिक बन गया।[2]

टीकाकरण केवल एक व्यक्ति को सुरक्षित करने से अधिक काम करता है; यह संपूर्ण समुदायों को प्रतिरक्षित करता है। पर्याप्त टीकाकरण के स्तर समुदाय के उन सदस्यों के लिए रोग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं जो अन्य रूप में अरक्षित छूट गए हों।


स्रोत

1. History and Epidemiology of Global Smallpox Eradication. (1.5 MB). CDC. 14 फरवरी 2017 को प्रयुक्त।

2.  रैमसे ME, जिन L, व्हाइट J, लिटन P, कोहेन B, और ब्राउन D. The elimination of indigenous measles transmission in England and Wales. Journal of Infectious Diseases. 2003;187(Supplement 1), S198-S207. 14 फरवरी 2017 को प्रयुक्त।

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अंतिम अपडेट 14 जून 2017