हेपाटाइटिस A और हेपाटाइटिस B

हेपाटाइटिस लीवर के सूजन के लिए एक आम शब्दावली है, जो संक्रामक या गैर-संक्रामक कारणों से हो सकता है। संक्रामक हेपाटाइटिस के अनेक मामलों के लिए जिम्मेदार वायरस के अंतर्गत हेपाटाइटिस A, हेपाटाइटिस B, हेपाटाइटिस C, हेपाटाइटिस D, और हेपाटाइटिस E आते हैं। हेपाटाइटिस A, B, और E एकमात्र ऐसे हेपाटाइटिस वायरस हैं जिनके टीके अभी उपलब्ध हैं। हेपाटाइटिस B के लिए टीका-अर्जित प्रतिरक्षा क्षमता की सलाह हेपाटाइटिस D के लिए प्रतिरक्षण के लिए भी दिया जाता है, जिसे डेल्टा हेपाटाइटिस के नाम से भी जाना जाता है।

हेपाटाइटिस B वायरस (HBV) हेपैड्नावायरस परिवार का एक आंशिक रूप से द्वि-मानकीकृत DNA वायरस है। हेपाटाइटिस A वायरस (HAV) पिकोर्नावायरस परिवार का एकल-मानकीकृत RNA वायरस है। दोनों वायरस, यद्यपि वे संरचनात्मक रूप से एक दूसरे से संबंधित नहीं हैं, लीवर कोशिकाओं में संक्रमित होते हैं और प्राथमिक रूप से द्विगुणित होते हैं।

लक्षण

हेपाटाइटिस A के तेज संक्रमण के लक्षण हेपाटाइटिस B के संक्रमणों के लक्षणों के समान होते हैं। इसके शुरुआती लक्षण हैं सिरदर्द, मिचली, उल्टी, पेट का दर्द, बुखार, चकत्ता, शरीर में वेदना और दर्द, और पेशाब का गहरा रंग। इस चरण के बाद, पीलिया (पीले-रंग की त्वचा और आंखों के सफेदी), हल्का पाखाना, और लीवर में दर्द हो सकते हैं।

प्रसार

हेपाटाइटिस B वायरस शरीर के संक्रमणकारी द्रवों (जैसे रक्त, लार, और वीर्य) के संपर्क में आने से फैल सकता है। यह लैंगिक रूप से प्रसारित हो सकता है, या इंजैक्शन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों जैसे सूई, टांके को साझा करने से, संक्रमित मां के बच्चे में, संक्रमित व्यक्ति के खुले फोड़ों या घावों के संपर्क में आने से, और संक्रमित व्यक्ति के साथ रेज़र या टूथब्रश साझा करने से फैल सकता है। यद्यपि लार दांत से काटने में संचरण का माध्यम हो सकता है, चुम्बन वायरस के संचरण का बड़ा माध्यम नहीं है।

मलीय-मौखिक मार्ग हेपाटाइटिस A वायरस के संचरण का मुख्य मार्ग है। यह व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क के जरिए या संदूषित भोजन या पानी के सेवन के जरिए फैल सकता है। HAV को लार के जरिए फैलने वाला वायरस नहीं माना जाता है। यह बहुत ही विरले मामले में संदूषित रक्ताधान के जरिए प्रसारित हुआ है।

दोनों वायरस अत्यंत दृढ़ होते हैं और कमरे के तापमान पर सतहों तक सात से अधिक दिनों तक संक्रामक हो सकते हैं, हालांकि अधिकांश मामलों में यह संक्रमण संचरण के लिए जिम्मेदार नहीं होता।

उपचार और देखभाल

हेपाटाइटिस A और B के तेज संक्रमण के लिए कोई विशेष उपचार मौजूद नहीं है। विशेष रूप से, इनका इलाज सहयोगी देखभाल जैसे आराम, द्रव प्रबंधन, और दर्द एवं बुखार में आराम द्वारा किया जाता है।

नीचे पुराने हेपाटाइटिस B संक्रमण के लिए उपचार पर विचार-विमर्श देखें।

जटिलताएं

हेपाटाइटिस A और हेपाटाइटिस B दोनों संक्रमणों के तत्काल, जानलेवा परिणाम हो सकते हैं। तेज HBV संक्रमणों वाले लगभग 1% लोगों में हेपाटाइटिस एकाएक बढ़ता है, या गंभीर लीवर की खराबी होती है। HAV संक्रमण भी, आमतौर पर HBV की तुलना में कम, एकाएक बढ़ने वाला हेपाटाइटिस का रूप ले लेता है। एकाएक बढ़ने वाले हेपाटाइटिस से ग्रसित 90% रोगी की मृत्यु हो जाती है।

तेज HBV संक्रमित लगभग 95% वयस्क स्वस्थ होते हैं और स्थायी रूप से संक्रमित नहीं होते, हालांकि तेज अवस्था में वे शरीर के उत्सर्जनों के जरिए दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। दूसरे लोग स्थायी रूप से संक्रमित हो सकते हैं - और लंबे समय (कुछ मामलों में कई वर्ष) में अन्य लोगों को संक्रमित कर सकते हैं - और उन्हें गंभीर लीवर की बीमारी का खतरा होता है। बच्चों के लिए परिस्थिति दूसरी होती है : हेपाटाइटिस B से संक्रमित नवजात शिशु एवं बच्चे में स्थायी संक्रमण की संभावना वयस्क की तुलना में अधिक होती है और इसलिए जटिलताएं गंभीर होती हैं और देर से उत्पन्न होती हैं।

HBV के स्थायी संक्रमण के कारण सिरोसिस, लीवर की खराबी, और लीवर कैंसर हो सकता है। HAV संक्रमण के कारण स्थायी संक्रमण या लीवर की स्थायी बीमारी नहीं होती।

पुराने HBV से संक्रमित रोगियों के उपचार में इंटरफेरॉन थेरैपी दी जाती है जो कुछ रोगियों में वायरस को कम करता है या हटा देता है। इंटरफेरॉन वायरस संबंधी प्रतिकृति को अवरुद्ध करता है और संक्रमित कोशिकाओं के प्रति शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। चूंकि इंटरफेरॉन एक इंजैक्शन योग्य दवा है और इसके कुछ संभावित प्रतिकूल प्रभाव होते हैं, इसलिए कुछ रोगियों को इंटरफेरॉन उपचार देर से देने या इससे बचने की सलाह दी जाती है या बहुत से मौखिक दवाओं जैसे लैमिवुडाइन, एडेफोविर या एंटेकैविर में से कोई लेने की सलाह दी जाती है। उपचार हमेशा वायरल हेपाटाइटिस के किसी जानकार क्लिनिशियन द्वारा दिया जाता है और उसकी निगरानी की जाती है।

उपलब्ध टीके

हेपाटाइटिस B के टीके

दुनिया भर में हेपाटाइटिस B के बहुत से टीके उपलब्ध हैं, जिनमें अनेक संयोजन के टीके शामिल हैं। कुछ माता-पिता अपने नवजात शिशु को टीका से प्रतिरक्षित करने का विरोध करते हैं, वे सोचते हैं कि यह केवल लैंगिक संपर्क या IV ड्रग के इस्तेमाल से फैलता है। हालांकि, नवजात शिशु और छोटे बच्चों को हेपाटाइटिस B संक्रमण का खतरा होता है: किसी नवजात शिशु में हेपाटाइटिस B के मता-पिता से होने वाले प्रसार के अलावा, स्कूली और डेकेयर सेटिंग के बच्चों में हेपाटाइटिस B होने की सूचना मिल चुकी है। टीका में कोई जीवित वायरस नहीं होता और यह कम प्रतिरोध क्षमता वाले लोगों के लिए भी सुरक्षित है।

 

हेपाटाइटिस A के टीके

हेपाटाइटिस A के टीके की बहुत सी औषधियां उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल सिंगल टीका के रूप में या अन्य टीके के साथ संयोजन के रूप में किया जा सकता है। निष्क्रिय हेपाटाइटिस A के टीकों का इस्तेमाल व्यापक रूप से किया जाता है, जबकि जीवित दुर्बल हेपाटाइटिस A के टीकों का इस्तेमाल कम ही देशों में किया जाता है।

 

हेपाटाइटिस E के टीके

रीकम्बिएंट हेपाटाइटिस E टीका को 16-65 वर्ष की आयु के बीच के लोगों में इस्तेमाल करने के लिए वर्ष 2011 में चीन में लाइसेंस प्रदान किया गया। इसकी अनुशंसा उन लोगों के लिए की जाती है जिनको हेपाटाइटिस E के संक्रमण का खतरा होता है। 

टीकाकरण की अनुशंसाएं

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात की अनुशंसा करता है कि सभी नवजातों को जन्म के 24 महीने के अंदर हेपाटाइटिस B टीका की एक खुराक दी जानी चाहिए, इसके बाद किशोरावस्था में 2 या 3 अतिरिक्त खुराक दी जानी चाहिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बात की अनुशंसा करता है कि हेपाटाइटिस A के टीकों को उन देशों के राष्ट्रीय प्रतिरक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए जहां हेपाटाइटिस A के संक्रमण की दर अधिक होती है और जहां कार्य-व्यवहार लागत प्रभावी होता है।

निष्क्रिय हेपाटाइटिस A के टीका से 1 वर्ष की आयु में प्रतिरक्षण की सलाह दी जाती है, साथ ही अनेक महीनों के बाद बूस्टर शॉट दिया जाना चाहिए। वे लोग जिन्हें हेपाटाइटिस A नहीं हुआ है और जिसने कभी इसका टीका नहीं लिया है, और उन देशों में जाते हैं जहां हेपाटाइटिस A के संक्रमण की दरें अधिक हैं, वे यात्रा से पहले हेपाटाइटिस A का टीका ले सकते हैं। यात्रा से कम से कम दो सप्ताह पहले टीका लेना महत्वपूर्ण होता है। एक बार टीका लेने का लाभ कई महीनों तक मिलता रहता है, लेकिन दूसरा खुराक लेने पर दीर्घ-कालिक प्रतिरक्षा मिलेगी।

 


स्रोत

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अंतिम अपडेट 20 मार्च 2017