इन्फ्लुएंजा

इन्फ्लुएंजा (फ्लू) एक श्वसन संबंधी बीमारी है जो इन्फ्लुएंजा वायरस के कारण होती है। इन्फ्लुएंजा वायरस दो मुख्य प्रकार (A और B) के होते हैं और प्रत्येक प्रकार के अनेक भिन्न-भिन्न स्ट्रेन होते हैं। इन वायरस के द्वारा होने वाली रुग्णताओं को प्राय: समग्र रूप से “फ्लू” कहा जाता है।

इन्फ्लुएंजा से होने वाली रुग्णता हल्की से लेकर बहुत गंभीर तक हो सकती है जो अनेक कारकों पर निर्भर करती है, जिसमें वायरल स्ट्रेन, रोगी की आयु, और रोगी का स्वास्थ्य शामिल है। कुछ निश्चित समूह फ्लू की गंभीर जटिलताओं के लिए उच्च जोखिम की स्थिति में होते हैं।

लक्षण

फ्लू के लक्षण अचानक उभरते हैं और इसमें बुखार, कंपकंपी, खांसी, गले का खराश, दर्द महसूस होना, सिर का दर्द, और थकावट होती है। उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं, लेकिन ये लक्षण वयस्कों की तुलना में बच्चों में अधिक प्रचलित हैं।

प्रसार

इन्फ्लुएंजा मुख्य रूप से संक्रमित श्वसन बूदों के जरिए फैलता है - अर्थात हवा द्वारा खांसने और छींकने के जरिए फैलता है। यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कुछ लोग जो संक्रमित होते हैं, उनमें कोई लक्षण (जिसे स्पर्शोन्मुख संक्रमण कहा जाता है) नहीं दिखाई देता, लेकिन वे तब भी संक्रामक होते हैं। वे दूसरों को भी संक्रमित कर सकते हैं जबकि उन्हें खुद के संक्रमण के बारे में जरा भी पता नहीं रहता। यहां तक कि फ्लू के लक्षणों को अनुभव करने वाले रोगी भी इसे महसूस करने के एक दिन पहले भी संक्रामक हो सकते हैं, और एक हफ्ते बाद तक बने रहते हैं।

इन्फ्लुएंजा की फैलने की क्षमता के बारे में एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि यह अपने तीव्र जनन संबंधी परिवर्तनों से संबंधित है। इन्फ्लुएंजा वायरस के नए स्ट्रैंस बार-बार प्रकट होते हैं, और किसी दूसरे स्ट्रैन के साथ हुए पिछले संक्रमण से आगे के संक्रमण के प्रति रक्षण की गारंटी मिलती। यही एक कारण है कि मौसमी फ्लू के टीका में एंटीजन को प्राय: हरेक साल बदला जाता है - ताकि मौजूदा किसी भी फ्लू स्ट्रैन से सुरक्षा मिल सके। (अधिक जानकारी के लिए नीचे दिता गया “उपलब्ध टीके और टीकाकरण अभियान” देखें।)

उपचार और देखभाल

आमतौर पर, फ्लू के रोगियों को घर में रहने और आराम करने की सलाह दी जाती है, ताकि स्वस्थ भी हो सके और दूसरे लोग संक्रमित भी न हो सके। हल्की स्थिति में, बीमारी के लक्षणों को दूर करने के लिए उपचार किया जाता है : ओवर-द-काउंटर (बिना पर्ची की) दवाएं जैसे एसीटामिनोफेन या इबुप्रोफेन का प्रयोग बुखार कम करने के लिए और/या दर्दों या पीड़ाओं और कफ में आराम पाने के लिए लिया जा सकता है, गली की खराबी या खांसी को कम करने के लिए दवाओं या ड्रॉप्स का सेवन किया जा सकता है। अतिरिक्त तरल पदार्थ पीने से डिहाइड्रेशन से बचा का सकता है।

गंभीर स्थिति के लिए, जटिलताओं की उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए, फ़िजीशियन एंटीवायरल उपचार की सलाह दे सकते हैं। हालांकि अनेक परिसंचारी इन्फ्लुएंजा स्ट्रैंस का उपलब्ध एंटीवायरल के खिलाफ प्रतिरोध विकसित हो गया है। टीकाकरण फ्लू की रोकथाम के लिए प्राथमिक मार्ग बनता है।

जटिलताएं

न्युमोनिया इन्फ्लुएंजा संक्रमण की सबसे प्रचलित जटिलता है। विशेष रूप से, यह द्वितीयक बैक्टीरिया संक्रमण जैसे हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा या स्ट्रेप्टोकोकस न्युमोनिया के कारण होता है। फ्लू के कारण साइनस और कान के संक्रमण भी हो सकते हैं, मौजूदा स्वास्थ्य दशाएं बिगड़ सकती हैं जैसे पुरानी फेफड़ा संबंधी बीमारियां, या हृदय में जलन हो सकती है।

 

यद्यपि कुछ फ्लू के रोगी बीमारी की जटिलओं का अनुभव कर सकते हैं, वहीं कुछ निश्चित समूह अन्य की तुलना में फ्लो जटिलताओं के लिए उच्च जोखिम की स्थिति में होते हैं : बुजुर्ग व्यक्ति, युवा बच्चे, अस्थमा के रोगी, गर्भवती महिलाएं और कुछ ऐसे लोग जिनकी जटिलताओं के लिए जोखिम उच्च होती है। फ्लू के किसी विशेष मौसम में, 65 या इसके अधिक की आयु के लोगों में फ्लू के कारण 90% तक की मौत हो जाती है। (कुछ महामारी इन्फ्लुएंजा का लक्षण इस संबंध में बिल्कुल भिन्न होता है; 2009 H1N1 की महामारी में, H1N1 इन्फ्लुएंजा से हुई मौंतों की लगभग 90% संख्या 65 से कम आयु के लोगों की थी)।

 

उपलब्ध टीके

चूंकि इन्फ्लुएंजा के नए स्ट्रैंस अक्सर प्रकट होते रहते हैं, इसलिए मौसमी फ्लू के टीके हर साल बदलते रहते हैं। प्रत्येक मौसमी टीका को प्राय: इन्फ्लुएंजा के अनेक स्ट्रैंस : दो “A” स्ट्रैंस और एक या दो “B” स्ट्रैंस के लिए बनाया जाता है, जो टीका पर निर्भर करता है। शुरू से अंत तक - टीका के साथ लक्षित करने के लिए स्ट्रैंस के चयन से लेकर, अंतिम उत्पाद के उत्पादन तक - मौसमी फ्लू के टीके की निर्माण प्रक्रिया में आठ महीने लग सकते हैं।

इन्फ्लुएंजा निगरानी केंद्र दुनिया भर में सालों भर के रुझानों के लिए परिसंचारी इन्फ्लुएंजा स्ट्रैंस की निगरानी करते हैं। जेनेटिक डेटा एकत्र किया जाता है और नए उत्परिवर्तनों की पहचान की जाती है। और फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन आने वाले फ्लू के मौसम में संचरित होने वाले जेनेटिकली रीअसेम्बल स्ट्रैंस के सर्वाधिक सदृश स्ट्रैंस के चयन के लिए जिम्मेदार होता है। उत्तरी गोलार्ध के ग्रीष्म ऋतु के लिए, यह निर्णय फरवरी से पहले लिया जाता है। कुछ मामलों में, पिछले वर्ष के टीके में इस्तेमाल किए गए स्ट्रैंस में से एक का चयन दुबारा किया जा सकता है, यदि वह स्ट्रैंस लगातार परिसंचरित होता है। इस बिंदु से, टीके का विकास और उत्पादन आरंभ किया जा सकता है।

स्ट्रैन के चयन (उत्तरी गोलार्ध में जून या जुलाई में) के चार से पांच महीने के बाद, विकसित किए गए टीका स्ट्रैंस को शुद्धता और प्रभावशीलता की जांच अलग-अलग की जाती है। अलग-अलग जांच करने के बाद ही स्ट्रैंस को एकल मौसमी टीका में कम्बाइन किया जाता है।

किसी महामारी की स्थिति में, वायरस से फैलने वाली किसी विशेष बीमारी या इन्फ्लुएंजा के व्यापक स्ट्रैन के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए किसी अतिरिक्त टीके का विकास किया जा सकता है। मौसमी फ्लू टीका के स्ट्रैंस का चयन हो जाने के बाद 2009 H1N1 इन्फ्लुएंजा टीके की आवश्यकता स्पष्ट हुई, जिससे एक अलग टीके का निर्माण किया गया।

निष्क्रिय ट्राइवेलेंट या क्वाड्रिवेलेंट इन्फ्लुएंजा के टीके सर्वाधिक सामान्य फ्लू के टीके हैं जो उपलब्ध हैं और 6 महीने के शिशु या इससे अधिक की आयु के लोगों को दिया जा सकता है। कुछ टीके ऐसे हैं जिन्हें इंजैक्शन के जरिए दिया जाता है। सक्रिय, दुर्बल इन्फ्लुएंजा टीका कुछ देशों में उपलब्ध है जिसे 2 वर्ष से अधिक और 50 वर्ष से कम की आयु के व्यक्तियों के लिए है। सक्रिय टीका इंट्रानैसल (नाक में) दिया जाता है।

टीकाकरण की अनुशंसाएं

कुछ देशों में, 6 महीने से अधिक की आयु वाले सभी या अनेक व्यक्तियों के लिए वार्षिक मौसमी इन्फ्लुएंजा टीकाकरण की अनुशंसा की जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन उन देशों को प्रोत्साहित करता है जहां जोखिम वाले समूहों : गर्भवती महिलाएं, 6-59 महीने की आयु के बच्चे, बुजुर्ग व्यक्ति, पुराने रोगों से ग्रसित व्यक्ति और स्वास्थ्य देखभाल कर्मी, को टीका प्रदान करने के लिए नेशनल इन्फ्लुएंजा अनुशंसाओं के क्रियान्वयन के लिए संसाधन मौजूद हैं।


स्रोत

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अंतिम अपडेट 20 मार्च 2017